ग़ज़ल - सीख
मौसिकी के सब तरीके आजमाना सीख लो ।
गर सुकूँ की चाह है तो गीत गाना सीख लो ।।
साथ पाने को किसी का क्यों परेशां हो रहे ,
यार तुम भी जिंदगी तन्हा बिताना सीख लो ।।
चाहिए कुछ भी नहीं बस हाल दिल का जानने ,
सिर्फ दुखती नब्ज़ हौले से दबाना सीख लो ।।
दौर आएगा जहाँ से जीत पाने के लिए ,
दाँव पर रिश्ते लगेंगे हार जाना सीख लो ।।
क्या भरोसा कल नयी आफत खड़ी हो दूसरी ,
आज से ही आदतें अच्छी बनाना सीख लो ।।
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आशीष हरीराम नेमा
©aashish_hr_nema