ग़ज़ल - सीख
मौसिकी के सब तरीके आजमाना सीख लो । गर सुकूँ की चाह है तो गीत गाना सीख लो ।। साथ पाने को किसी का क्यों परेशां हो रहे , यार तुम भी जिंदगी तन्हा बिताना सीख लो ।। चाहिए कुछ भी नहीं बस हाल दिल का जानने , सिर्फ दुखती नब्ज़ हौले से दबाना सीख लो ।। दौर आएगा जहाँ से जीत पाने के लिए , दाँव पर रिश्ते लगेंगे हार जाना सीख लो ।। क्या भरोसा कल नयी आफत खड़ी हो दूसरी , आज से ही आदतें अच्छी बनाना सीख लो ।। ✍️ आशीष हरीराम नेमा ©aashish_hr_nema